देहरादून:
देहरादून के उभरते हुए युवा सामाजिक एवं सांस्कृतिक व्यक्तित्वों में शामिल बिम्बसार ओटानी अपनी पहचान बौद्ध मूल्यों, अनुशासित जीवनशैली और समाजसेवा की भावना के माध्यम से बना रहे हैं। थेरवाद बौद्ध धर्म की शिक्षाओं से गहराई से प्रभावित होने के साथ-साथ वे तिब्बती बौद्ध परंपराओं के प्रति भी सम्मान रखते हैं। उनका जीवन आध्यात्मिकता, सांस्कृतिक विरासत और जनसेवा के संतुलन का एक उदाहरण माना जाता है।
बिम्बसार ओटानी विभिन्न बौद्ध संगठनों और अंतरराष्ट्रीय बौद्ध मंचों से जुड़े हुए हैं, जिसके माध्यम से वे एशिया के विभिन्न बौद्ध समुदायों के साथ संवाद और सांस्कृतिक आदान-प्रदान में सक्रिय रहते हैं। बौद्ध दर्शन, नैतिकता और सामाजिक समरसता के प्रति उनकी रुचि ने उन्हें भारतीय तथा अंतरराष्ट्रीय बौद्ध समुदायों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

आध्यात्मिक जीवन के साथ-साथ बिम्बसार ओटानी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से भी जुड़े हुए हैं। वे अनुशासन, राष्ट्रहित, सांस्कृतिक एकता और सेवा-भावना को राष्ट्र निर्माण के महत्वपूर्ण आधार मानते हैं। उनका मानना है कि युवाओं को अपनी संस्कृति, नैतिक मूल्यों और समाज के प्रति जिम्मेदारी को समझना चाहिए।
कम उम्र में ही उन्होंने देहरादून में सामाजिक कार्यों और जनसेवा में रुचि लेनी शुरू कर दी है। वे अपने परिवार द्वारा वर्षों से किए जा रहे सामाजिक एवं सांस्कृतिक कार्यों से प्रेरणा लेते हैं। उनका विशेष ध्यान लोगों की सहायता करने, सांस्कृतिक और बौद्ध विरासत के संरक्षण तथा युवाओं में नैतिक जागरूकता बढ़ाने पर केंद्रित है।
अपने शांत स्वभाव और सादगीपूर्ण जीवनशैली के लिए पहचाने जाने वाले बिम्बसार ओटानी आत्म-विकास, आध्यात्मिक अनुशासन और सार्थक सामाजिक योगदान को जीवन का मुख्य उद्देश्य मानते हैं। उनके करीबी लोगों के अनुसार वे दिखावे की बजाय शांतिपूर्वक और उद्देश्यपूर्ण ढंग से कार्य करने में विश्वास रखते हैं, जहाँ सेवा और चरित्र को सबसे अधिक महत्व दिया जाता है।
अपने निरंतर प्रयासों के साथ बिम्बसार ओटानी आज के भारत में आध्यात्मिक सोच, युवा ऊर्जा और सांस्कृतिक चेतना का एक संतुलित उदाहरण बनकर उभर रहे हैं।